Baap beti ki sexy xx chudai:- हेलो फ्रेंड्स, मैं प्रियंका हूँ, अपनी अगली चुदाई की गर्मागर्म कहानी लेकर हाज़िर हूँ—उम्मीद है आप मेरी पिछली स्टोरीज़ को चाव से पढ़ रहे होंगे, जहाँ मैंने अपनी चूत की भूख और लंडों की ठुकाई का खुलासा किया था। अगर आपने अभी तक कोई भी मेरी सेक्स स्टोरी मिस की है, तो जल्दी से पढ़ लो, वरना तुम्हारा लंड बेकार खड़ा रहेगा। आज की कहानी शुरू करती हूँ, जो मेरी जवानी की आग से भरी हुई है। मेरे बारे में तो आप जानते ही होंगे—मेरी उम्र 23 साल है, फिगर 34-29-36 का, ऐसे बड़े-बड़े चुचे और मोटी गांड कि लड़के मुझे देखते ही लंड चूसने को तैयार हो जाते हैं। वो मुझ पर मर-मर जाते हैं, मेरी टाइट चूत को चोदने के सपने देखते हैं, लेकिन मैं हर किसी को नहीं देती—सिर्फ वही लंड जो मुझे पूरी रात चोदकर थका दे, वही मेरी चूत में घुसने का हकदार है।
Baap beti ki sexy xx chudai
ये बात कुछ दिन पहले की है. मैं, पापा और मम्मी के साथ किसी पार्टी पर गए थे. वहां पापा के कुछ दोस्त भी थे जिनके साथ मिल कर पापा ने दारु काफी पी ली थी. फिर जब तक हम वापस आने वाले थे तब तक वो पूरे टुन्न हो चुके थे. गाडी में बैठे हुए भी हमें डर लग रहा था की कहीं पापा गाडी ठोक न दे. लेकिन ऐसा हुआ नहीं और हम सही-सलामत घर पहुँच गए.
घर आके मैं अपने रूम में चली गयी और पापा-मम्मी अपने रूम में. अभी कुछ ही मिनट हुए थे हमें आये को की मुझे उन दोनों के झगड़ने की आवाज़े आने लगी. फिर मुझे कुछ गिरने की आवाज़ आयी तो मैं जल्दी से उनके रूम की तरफ गयी. देखा तो मम्मी ज़मीन पर बैठी थी और उनकी आँखों में आंसू थे. मैं अंदर गयी और मम्मी को अपने साथ ले आयी अपने रूम में. फिर हम वहीँ बेड पर सो गए. मेरे रूम में सिंगल बेड है और मम्मी-पापा के रूम में डबल. मैंने मम्मी को अपने साथ सुला तो लिया लेकिन मेरे खुद के लिए जगह नहीं बची. मैं बड़ी मुश्किल से मम्मी के साथ एडजस्ट कर रही थी और मुझे नींद नहीं आ रही थी.
फिर मैंने उठ कर देखा तो मम्मी गहरी नींद में थी. मैंने सोचा मैं मम्मी की जगह जा कर सो जाती हूँ फिर मैं मम्मी-पापा के रूम में गयी और पापा की साइड में जाके सो गयी. पापा एक कोने में सोये थे और मैं दुसरे कोने में सो गयी. अभी मुझे नींद आयी ही थी की मुझे अपने बदन पर कुछ महसूस हुआ. मेरी आँख खुली तो देखा पापा मेरी तरफ मुड़ कर मुझसे चिपके हुए थे. मैंने पापा को थोड़ा पीछे करने की कोशिश की लेकिन नहीं हुआ. तभी पापा ने मेरे चूचि पर हाथ डाला और उसको मसलने लगे.
मैं पजामा टी-शर्ट पहने हुए थी और पापा ने सिर्फ पजामा पहना था. पापा टी-शर्ट के ऊपर से मेरे चूचि को दबा रहे थे. मैंने उनका हाथ पीछे करने की कोशिश कर ही रही थी की मुझे अपनी गांड पर पापा के लंड की रगड़ फील होने लगी. पापा पीछे से अपनी गांड आगे-पीछे करके लंड गांड में दबा रहे थे. उनके ये सब करने से मैं थोड़ी गरम होने लगी. अब मैं सोचने लगी की उनको रोकू या जो हो रहा था होने दू?
तभी पापा ने अपना हाथ नीचे ले जा कर मेरे पाजामे में डाल दिया और पैंटी के ऊपर से मेरी चूत मसलने लगे. वो साथ में मेरी मम्मी का नाम लेने लगे. उनके मुँह से मम्मी का नाम सुन कर मैं समझ गयी की वो मुझे मम्मी समझ रहे थे. मतलब जो कुछ भी होता मम्मी के साथ होता मेरे साथ नहीं. ये सोच कर मैं अपना हाथ पीछे लेके गयी और पाजामे के ऊपर से पापा का लंड पकड़ कर दबाने लगी. उनका लंड काफी बड़ा और मोटा था. पापा ने मेरी पैंटी में हाथ डाल लिया और मेरी चूत का दाना रगड़ने लगे.
कुछ देर ऐसा ही चलता रहा. मेरी चूत पूरी तरह गीली हो चुकी थी. फिर पापा ने अपना पजामा और अंडरवियर नीचे किया और लंड बाहर निकाल लिया. फिर वो मेरा पजामा भी नीचे करने लगे. मैंने अपना पजामा और पैंटी उतारने में उनकी मदद की. अब उनका बड़ा सा लंड मेरी नंगी गांड पर रगड़ खा रहा था जो मुझे और गरम कर रहा था. फिर पापा ने मेरी एक टांग उठायी और उसको पीछे मोड़ कर अपनी टांगों के ऊपर रख दी. इससे उनका लंड और मेरी चूत करीब आ गए.
अब पापा ने अपना लंड अपने हाथ में लिया और उसको मेरी चूत पे रगड़ने लगे. मैं अहह अहह कर रही थी लेकिन आवाज़ कम ही थी ताकि उनको ये न पता चला की मैं उनकी पत्नी नहीं बेटी थी. फिर पापा ने लंड चूत के मुँह पर रख कर धक्का मारा. उनका आधा लंड फिसलता हुआ मेरी चूत में चला गया और हम दोनों के मुँह से आह निकल गयी. पापा ने मेरी टांग को पकड़ा और लंड अंदर-बाहर करने लगे. धीरे-धीरे उनका पूरा लंड अंदर-बाहर होने लगा और मुझे इस चुदाई में बहुत मज़ा आने लगा. मैं ज़ोर-ज़ोर से आहें भरना चाहती थी लेकिन धीमी आवाज़ से ही काम चला रही थी. चूत चुदाई के साथ पापा मेरी टी-शर्ट उठा कर मेरी पीठ पर किश भी कर रहे थे. वो मेरी पीठ चाट रहे थे और उस पर दांत भी काट रहे थे.
नीचे से उनका लंड मेरी चूत को बहुत ज़्यादा सुख दे रहा था. चूत के पानी की वजह से छप छप की आवाज़े निकल रही थी. कुछ देर पापा ने मुझे उसी पोजीशन में चोदा. फिर लंड निकाल कर वो सीधे लेट गए और मुझे अपनी तरफ खींचने लगे. मैं समझ गयी की वो मुझे अपने ऊपर चढ़ाना चाहते थे. फिर मैंने पीछे मुड़ कर देखा तो उनकी आँखें बंद थी. मैं फिर घूम कर उनके ऊपर आ गयी और उनके लंड को अपनी चूत में ले लिया.
अब मैं पापा के लंड को अपनी चूत से चोदने लगी और उनके ऊपर उछलने लगी. मैंने अपनी टी-शर्ट भी उतार दी और उनके हाथ अपने चूचो पर रख दिए. पापा मेरे चुचे दबाते हुए नीचे से मेरी चूत चुदाई कर रहे थे. उनकी आँखें अभी भी बंद थी और वो मम्मी का नाम ले रहे थे. फिर मैं अपनी गांड ज़ोर-ज़ोर से उनके लंड पर मारने लगी. मेरा निकलने वाला था और मैं बढ़िया सा ओर्गास्म चाहती थी. पापा भी मेरे चूतड़ दबा कर ऊपर-नीचे होने में सपोर्ट कर रहे थे. तकरीबन 5 मिनट मै फुल स्पीड पर पापा के लंड पर कूदि.
फिर मुझे अपनी चूत में पापा का गरम-गरम माल महसूस हुआ. मेरा पानी भी साथ ही निकल गया और मुझे चरमसुख की प्राप्ति हुई. उसके बाद मैं उनके ऊपर से उतर कर नंगी ही उनके साथ सो गयी. सुबह जल्दी उठ कर मैंने कपडे पहने और अपने कमरे में आ गयी. किसी को कुछ पता नहीं चला. आपको मज़ा आया की नहीं. अपनी फीडबैक आप नीचे कमेंट मे दें।
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Note : यहां पोस्ट की गई हर कहानी सिर्फ मनोरंजन के लिए है, कृपया वास्तविक जीवन में कहानी में घटित किसी भी चित्र का प्रयोग करना घातक हो सकता है। इसकी जिम्मेदारी लेखक या प्रस्तुतकर्ता की नहीं होगी, तो कृपया इसे अपनी निजी जिंदगी से न जोड़ें और अपने बुद्धि-विवेक से काम लें।
